कल क्या होगा.....
सोच कर क्यों घबराता है मनं?
कल की आशंकाओ से क्यों घिरा रहता है ये मन?
कल तो जो होगा सो होगा
फिर क्यों कल की सोचे...
कल की चिन्ताओ में
क्यों अपना आज हम खो दे?
हर आने वाले पल का
हम इंतज़ार करते है,
पर इस इंतज़ार में
खौफज़दा हम रहते है!
जो आज है, वो कल कल था,
जो कल है, वो कल आज होगा..
फिर क्यों कल के खौफ को पिए..
क्यों नहीं अपना आज हम जिए?
Hey this is so beautiful.... :)
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